Thursday, 4 June 2020

क्या सिर्फ मुस्लिम ही आतंक फैलाते है?

क्या सारे मुसलमान आतँकवादी होते है?


लोगों की आज ये धारण है कि तथाकथित आतंक आज सबसे अधिक मुसलमान फैला रहे है। पर ऐसा नही है। ऐसा केवल दिखता हैं और सही तरह कहे तो दिखाया जाता है। मुट्ठी भर लोगो का दोष करोड़ों लोगों पर डाल दिया जाता है जानबूझ कर। There are black sheep in every community. पर उसकी सजा सबको नही दी जा सकती। यंहा तक कि लोगो की आतंक की परिभाषा ही गलत है और ऊपर से वो पूर्वग्रह और प्रपोगेंडा के शिकार है। मुसलमां करे तो आतंक, दूसरे करे तो सिर्फ अपराध। ऐसा क्यों। कौन आतंकी है कौन नही, ये भी लोग धर्म देख कर निर्णय करते है।

आतंकी सिर्फ वही नही होता जो बम फोड़े, आतंकी वो भी होता है जो मासूमों को आतंकित कर, जो उन्हें डराए, जो उन्हें मारे, जो उन्हें भय दिखाए। वो भी आतंकी है जिसके  भय, शोषण, अत्याचार, नाजायज़ शक्ति के प्रयोग के कारण लोगों को जीवन जीना दुर्भर हो जाये। और ऐसे लोग इतिहास औए वर्तमान में भी केवल मुसलमानों में ही नही बल्कि हर धर्म में रहे है, यंहा तक कि नास्तिक भी रहे है।

60 लाख लोगों को मारने वाले हिटलर, लाखों लोगों की मौत का जिम्मेदार  माओ त्सेदोंग, मुसोलिन, स्टालिन । वीरप्पन, भिंडरवाल(सिख ), प्रभाकरन (हिन्दू)। ये आतंकी नही थे क्या? खलिस्तानी क्या थे? तमिलनाडु लिबरेशन आर्मी, तमिल नेशनल रेट्रीवल ट्रुप्स क्या थी।

हर साल भारत, नेपाल आदि में हज़ारों लोगों को मारने वाले माओवादी, नक्सली, को क्यों नही आतंकी कहते है? नाज़ी, फासिस्ट, माओइस्ट करोड़ों लोगों की मौत का कारण बने । ये क्या हुए।

दुनिया मे सबसे पहले आत्मघाती हमले लिट्टे तमिल टाइगर्स ने ही श्रीलंका में शुरू किए थे. उन्हें कोई आतंकी क्यों नही समझता।

ब्रिटिशर्स भी 1947 से पहले भारत मे आतंक करते थे, भारतीयों को मारते थे, याद है 1857, जलियांवाला, यंहा तक कि बंगाल में आये आकाल की समय जिन्होंने अन्न वंहा न भेज कर, यूरोप भेजा जिस से बंगाल में 30 लाख मरे। लाखों भारतीय को छोटे छोटे टापूओं पर ले जाकर उनसे बेगारी करवाने वाले, जानवरों जैसा जीवन देने वाले ये अंग्रेज़ आतंकी नही थे क्या।

दोनों विश्व युद्ध में करोड़ों का कत्ले आम करने वाले आतंकी नही थे क्या। जापान पर 2 एटम बम फेंकने वाले आतंकी नही थे क्या। भारत सहित पूरे विश्व मे राजा महाराजाओं के सत्ता, राज्य के लिए हुए युद्ध में मरे मासूम भी आतंक का शिकार नही हुए क्या।

नार्थ ईस्ट में फैले दसियों आतंकी संस्थाए ईसाई हिन्दू लोगो की बनाई है। वो क्या है। जैसे ATTF, NLFT, PLAM. सशस्त्र विद्रोह करने वाले उल्फा, बोडो, गोरखा, नागा ग्रुप्स, वो आतंकी नही क्या?   विदेशों में कई आयरिश आतंकी संघठन है जैसे IRA, INLA, IPLO, PIRA, RIRA, वो क्या है। शाइनिंग पाथ क्या है। KukluxcKlan, व्हाइट सुपरमसी हेट ग्रुप्स, Zionist extrimist आतंकी नही क्या?

यूरेशिया से भारत मे आके हड़प्पा, मोहनजोदड़ों, यंहा के मूलनिवासियों को, उनकी सभ्यता को समाप्त करने वाले, मारकाट करके उन्हें जंगलों की और खदेड़ने वाले आर्य क्या थे? बोद्ध धर्म के प्रसार से डर कर, ढाई हज़ार साल पहले बौद्धों को मारने वाले, उनके विहार, स्तूप, ग्रंथ, संस्कृति को अपने छल और शक्ति के द्वारा नष्ट करने वाले क्या थे? शूद्रों को हज़ारों वर्षों से मारते, अत्याचार, दमन करते आ रहे है, उनके अधिकार छीनते आ रहे तथाकथित उच्च वर्ण, उच्च कुल वाले क्या हुए? शूद्रों को पीछे झाडू और गले मे हांडी लटकाने वाले क्या हुए? शुद्रो, को ढोल की तरह ताड़ना देने वाले, शास्त्र सुनने पर उनके कान में पिघला सीसा डालने वाले, मंत्र उच्चारण करने पर उनकी जीभ काटने वाले कौन थे।

कलिंग युद्ध मे लाखों को मारने वाला कौन था। पुष्पमित्र शुंग कौन था। महाभारत युद्ध, रामायण, लंका आक्रमण, परशुराम आदि पौराणिक कहानिया किस चीज़ से भरी है। आर्य अनार्य संघर्ष, सुर असुर संग्राम, देवता राक्षस युद्ध में हिंसा नहीं थी क्या।। हिंसा या आतंक किन ग्रंथो में, किन की कहानियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। प्रत्येक देवता भगवान हाथ मे हथियार लिए खड़े होते है। क्यों! हथियार हिंसा का प्रतीक नही है क्या? सदियों तक शैव और वैष्णव सम्प्रदायों में होती मार काट क्या थी? कंहा विषकन्यायों का युध्द में प्रयोग करके दुश्मनों के दिलों में आतंक भर दिया जाता था। कंहा सती प्रथा, देवदासी प्रथा, विधवा विवाह निषेध के नाम पर शोषण,अत्याचार, आतंक होता था। डंडे से मार मार कर चिताओं पर बिठाया जाता था, ये आतंक नहीं क्या।  कहां आज भी क्रियाकर्म के समय, मृत शरीर की हड्डियां तोड़ी जाती है, मृतक के सर में 3 डंडे मार के फोड़ दिया जाता है। ये क्या हिंसा नही। मध्यकाल में ठगी प्रथा करने वाले दुर्गामाता के भक्तगणों ने लाखों लोगों का मारा और लूटा, वो क्या आतंकी नही।

अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड आदि में पहुंच कर करोड़ों मूलनिवासियों को मारने वाले आतंकी नही थे क्या। मध्यकालीन युग मे अधिकतर देशों को ग़ुलाम बनाने वाले कौन थे। अफ्रीका से करोड़ों अफ्रीकियों को ले जा कर गुलाम बनाने वाले यातनाये देने वाले उन्हें मारने वाले आतंकी नही थे क्या। क्रूसेड युद्ध किसने शुरू किए।  यूरोप में रेनेसां युग में तथाकथित धर्म के विरोधी लाखों को मौत के घाट उतारने वाले कौन थे।  प्रोटेस्टन्ट और कैथोलिक का आपस मे  कत्ल आम किसने किया। इंग्लैंड फ्रांस में हुआ 100 वर्षीय युध्द क्या था। ब्रिटैन में विच हंटिंग काल में हज़ारो औरतों को फांसी देने वाले कौन थे।

गांधी पर गोली चलाने वाला गोडसे, राजीव को बम से उड़ाने वाली धानु, इंदिरा पर गोली चलाने वाले बेअंत और सतवंत कौन थे। बाबरी गिराने वाले कौन थे।

भारत के कोने कोने में तथाकथित दलितों को, छोटी छोटी बातों को आधार बना के, मारने वाले, अत्याचार करने वाले, भेदभाव करने वाले, उनके गांव के गांव जला देने वाले, मूछें काटने वाले, बारात निकालने पर, पगड़ी लगाने पर हमला करने वाले, जुतिया सर पर रखवाने वाले, पानी न भरने देने वाले, छुआछुत करने वाले क्या हुए? केरला में तीन सौ साल पहले दलित महिलाओं को ऊपरी शरीर ढकने पर टेक्स, कर जिसे मूलाकर्म कहते थे, वो लेने वाले क्या हुए?

हाशिमपुरा में मासूमों को रात में उठा कर ट्रक में भर कर दूर ले जाके मारने वाला क्या थे। मोरादाबाद ईदगाह में गोली चलाने वाले क्या थे। 1984, बम्बई, गुजरात, मुजफरनगर, दिल्ली आदि दंगों  मे गर्भवतियों, बच्चों, बुढ्डों को तलवार से काटने वाले कौन थे।

शहर, घर, लोग, बच्चे जलाने वाले बाबु बजरंगी, माया कोडनानी कौन थे। धमाके करने वाले कर्नल पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा, स्वामी असीमानंद कौन थे। झुटे एनकाउंटर करवाने वाले हत्यारे जैसे DG बंजारा क्या हुए? क्या हिम्मत नही किसी की इन्हें भी आतंकी कहने की? मालेगांव, मक्का मस्जिद बलास्ट करने वाले कौन से धर्म के थे? शहीद हेमन्त करकरे और जस्टिस लोया की मौत के पीछे जिनका हाथ है वो क्या हुए?

लीनचिंग करने वाले, लव जिहाद जैसी बोगस थेओरी पर लड़ने वाले, गौ रक्षा के नाम पर मारने वाले, जय श्री राम बुलवा बुलवा कर या न बोलने पर पीटने वाले कौन है, टोपी लगाने पर गाली देने वाले, दंगे करने वाले क्या कहलाये जाएंगे? दिल्ली में बस में रेप करके रॉड से अंतड़ियां काट देने वाले कौन होते है। सोनी सोरी और लिंगाराम कोडपी के जिस्म में पत्थर डंडे डालने वाले कौन से धर्म के है। क्या ये आतंकी नही। इनकी लिए क्या परिभाषा अलग हो जाएगी।

ईसाई प्रीस्ट ग्रहम स्टेंस को पत्नी बच्चों के साथ ज़िंदा जलाने वाले बजरंग दल के मुखिया दारासिंह और उसके संघी साथी, आतंकी नही है क्या?  देश के कोने कोने में धर्मांतरण का बहाना करके ईसाई ननों के साथ रेप करने वाले आतंकी नही है क्या। मुसलमान या दलित होने पर अपना मकान किराये पर न देने वाले, घर बेचने से मना कर देने वाले कौन हुए?

बर्मा में मुसलमानों पर अत्याचार करने वाले बुद्धिस्ट, भूटान में ईसाइयों पर अत्याचार करने वाले बुद्धिस्ट, तिबब्बत में बुद्धों पर अत्याचार करने वाले चीनी, आतंकी नही है क्या।  श्री लंका में तमिल, मुस्लिम पर अत्याचार करने वाले सिंघली आतंकी नही है क्या। नेपाल में पहाड़ी, तराई और मधेशी में होते खून खराबे करने वालों का धर्म कौन सा है? इराक़, अफगान, मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित करने के नाम पर वंहा के लाखों नागरिकों, लाखों को मारने,यातनाये देने वाले US, UK, NATO सेना वाले आतंकी नही कहलायेंगे क्या।

अपने विरुद्ध रेप की शिकायत करने वाली लड़कियों, उनके परिवार, गवाहों को सुपारी देके हत्या करवाने वाले, धमकाने वाले MLA सेंगर, बाबा आशाराम, नारयण साई, चिन्मयानंद अन्य बाबा क्या हुए? सड़कों पर पथराव आगजनी तोड़फोड़ करते बाबा राम रहीम के भक्त क्या हुए? स्वामी नित्यानंद जैसे सोइयों बाबा द्वारा होते बलत्कार क्या समाज मे दहशत नही फैलाते। यूपी में बृजेश ठाकुर और उसके साथियों द्वारा चलित अनाथालय में रहने वाली छोटी छोटी बच्चियों के बालात्कार, शोषण करने और करवाने वाले कौन हुए। ये बच्चे किन के डर, खौफ, दहशत के कारण कुछ नही कर पाए। सहते रहे बस।

सीरियल किलर, ऑटो शंकर, ठग बेहराम, साइनाइड मोहन, सायनाइड कंपम्मा, आयुर्वेदिक डॉ शर्मा, बेबी किलर दरबारा सिंह,स्टोनमैन, बीयरमैन रविंदर, शिंदे गावित बहने, रमनराघव, बिकिनी किलर चार्ल्स शोभराज, जयशंकर, निठारी किलर्स, रंगा बिल्ला जैसे हज़ारों हत्यारे, आतंकी कौन है।

दसियों डाकू डकैत जैसे मानसिंह, निर्भय गुज्जर, परिहार, दाद्दुआ कौन थे। पानसिंह, फूलन देवी कौन थे? अत्याचारों से इन दोनों को डाकू बनाने वाले कौन हुए। फूलन के साथ अन्याय करने वाला ठाकुर कौन थे। अंडरवर्ल्ड सरगना जैसे वेर्धराजन, अरुण गावली, बड़ा राजन, छोटा राजन, मान्य सुर्वे, माया डोलास, आयल कुमार,रवि पुजारी, शरद शेट्टी, संतोष सेट्ठी जैसे हत्यारे क्या आतंक नहीं फैलाते।

दिल्ली यूपी राजस्थान जैसे दसियों शहरों के किनारे बसे, हज़ारो गैंगस्टर, क्रिमिनल्स जैसे नीरज बवाना, जितेंद्र गोगी, बंटी चोर, मुन्ना बजरंगी, आनंदपाल सिंह कौन होते है। ये गांव शहर में बसे दबंग, बाहुबली, रंगदार, भूमाफिया, खनन माफिया क्या आतंक नहीं मचाते। 

दलित भंवरी देवी का गैंग रेप करने वाले कथित उच्च जाति के कौन हुए?  गीतिका को मौत तक लाने वाला गोपाल कांडा कौन हुआ? जेसिका को मार कर उसके घरवालो को इंसाफ के लिए दर दर भटकाने वाला मनु शर्मा कौन हुआ? रुचिका को आत्महत्या करवाने वाले DGP राठौर कौन हुआ? इन्होंने समाज में आतंक नही तो क्या शांति फैलाई थी। फूलन देवी किन लोगो के अन्याय के कारण डाकू बनी थी। क्या वो आतंकित करने वाले नही हुए? हर साल हज़ारों लड़कियों पर तेज़ाब डालने वाले, या डालने की धमकी देने वाले आतंक ही तो फैलाते है समाज में। झारखंड, छत्तीसगढ़ अन्य राज्यों में ट्राइबल क्षेत्रों में आदिवासी स्त्रियों के साथ रेप करने वाले, पुरुषों की हत्याएं करने वाले, झुटे केसों  में उन्हें थर्ड डिग्री टार्चर देने वाले, उनकी ज़मीनेने छीनने वाले, उनके बच्चों का शोषण करने वाले कौन है? 

हरयाणा में संत रामपाल और उसके भक्त, उसके आश्रम की 20 फ़ीट ऊंची दीवारों से पुलिस फ़ोर्स पर गोलीबारी कर रहे थे। 6 औरते और बच्चे मरे थे। 250 लोग घायल हुए थे। उनके पास इतना असला बारूद था! वो आतंक नही थे?  मथुरा के पार्क से गोलीबारी करके सौइयों को मारने वाले बाबा रामवृक्ष और उसकी फौज क्या आतंकी नही हुई? सभी बाबाओ के पकड़े जाने पर, सड़कों पर दहशत फैलाने वाले उनके भक्त आतंक नही फैलाते क्या?

जाट, गुर्जर, पटेल, मराठा, पद्मावती, करणी सेना आदि आदि आंदोलनों में सड़कों, रेल जाम करने वाले, तोड़फोड़ करने वाले, पथराव करने वाले, सिनेमा तोड़ने वाले, दुकानें बस ट्रैन तोड़ने वाले कौन थे। आतंक और डर का सड़कों पर तांडव करने वाले ये लोग क्या थे? सड़कों और देर रात लोगों को शराब पी कर कुचलने वाले क्या आतंक नही फैलाते रातों में। दिन में तेज स्पीड में गाड़ियां चलाके दुसरों को डरा देने वाले क्या डर नही फैलाते।

MP के झाबुआ में भाजपाई राजेन्द्र कासवा के पास रखी गैरकानूनी जेलेटिन की छड़े थी जिससे ब्लास्ट हुआ हुआ, सौ मरे वंहा,वो क्या संत कहलाया जाएगा? महाराष्ट्र के डोम्बिली में पकड़े गए भाजपाई के पास 170 हथियार मीले थे। वो क्या हुआ? कानपुर में आरएसएस के रघु ने बम बनाते हुए अपना ही घर उड़ा दिया था। बम बनने वाले क्या हुए? केरल में त्रिवंतपुरम में कच्चे बम और हथियार पकड़े गए थे इसी साल आरएसएस के दफ्तर से, वो क्या हुए? माधुरी गुप्ता, बजरंग दल का बलराम सिंह, भाजपा IT Cell का ध्रुव सक्सेना, पाकिसतान के लिये जासूसी करते, उन्हें सूचनाएं देते पकड़े गए थे। वो क्या हुए। उदाहरण हज़ारो है ऐसे।

आपरेशन डॉल्फिन में जो जवान पकड़े जा चुके है पाक के लिए जासूसी करते हुए, नाम है सनी, SK दास, SK शर्मा, V कुमार, अशोक, सोमनाथ। इंडियन नेवी हनीट्रैप में 13 नेवी जवान पकड़े जो और पकड़े गए है ISI के लिए जासूसी करते हुए है उनके नाम है। सतीश, दीपक, पंकज, संजीत, संजय, बबलू, विकास, राहुल, रिंकू, ऋषि, वेदराम, देवशरण आदि। पाकिस्तान हनीट्रैप को जनकारी देते 50 आर्मी जवान फंसे थे जिसमे एक जैसलमेर में आर्मी सिपाही सोमवीर सिंह था। पाक के लिए जासूसी करते पकड़े गए कुछ और नाम है। ब्रह्मोस में इंजनीयर निशांत अग्रवाल, MP का BSF जवान अछूतानंद मिश्रा, पिट्ठोरगढ़ में इंडियन डिप्लोमेट हाउस का कुक रमेश। इटानगर से जासूसी करता गिरफ्तार निर्मल राय। राजस्थान से जून, 2020 में ISI एजेंट विकास कुमार और चिमन लाल पकडे गये। छत्तीसगढ़ में जगत पुजारी नाम का बीजेपी नेता पकड़ा गया है नक्सलियों की 10 साल से मदद करने के लिए। सिप्टम्बर 2020 में जयपुर से सेना की इंजीनियरिंग विंग से महेश को पाक को खुफिया जानकारी देने के लिए पकड़ा गया। क्या ये आतंक फैलाने वाले देशभक्ति का काम कर रहे थे।

सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगा हुआ है बम बलास्ट के लिए, वो क्या देशभक्त कहलायेगी। गांधी जी की हत्या के बाद, आरएसएस पर खुद सरदार पटेल ने कई साल प्रतिबंध लगा के रखा, क्यों, किसलिए, वो क्या थे?

पब्लिक, फोटो में, रैलियों में, सड़कों पर झुलूसों में तलवार बंदूके लहराने वाले संघी, बजरंगी, महासभा वाले, श्रीराम सेना आदि वाले कौन हुए। शस्त्र पूजने वाले क्या कहलायेंगे। शस्त्र किसके पास होते है? क्या शस्त्र हिंसा दहशत का प्रतीक नही? शाख़ों और कैंपो में लोगो को धर्म की रक्षा के नाम पर तलवार बंदूक हथियार सहित ट्रेनिग देने और लेने वाले क्या कहलाये जांएगे?

2018 में CIA ने बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद को धार्मिक उग्रवादी संघठन माना है। 2005  में अमेरिका थिंक टैंक और एक US रिसर्च सेंटर ने आरएसएस को 38 आतंकी संगठनों की लिस्ट में शामिल किया था। क्यों? गोडसे को भगवान मानने वाले हिन्दू महासभा क्या हुई?

हर साल सबसे ज़्यादा लोग वेस्टर्न देशों में फायरिंग से मारे जा रहे है। कुछ सिरफिरे कंही भी जा कर गोलिया चला देते है भीड़ पर। वो गनमेन आतंकी नही कहलाये जाएंगे। इसे मास शूटिंग कहते है लोग, आतंक नही। क्यों। ऐसे आतंकी हादसों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है।  हमेशा से ही और यंहा तक कि पिछले 20 वर्षों में बुरे मुसलामन के हाथों इतने लोग नही मारे गए जितने दूसरे धर्मो वालो के हाथ मरे है।

बुरे लोग सब जगह है बस दृष्टि एक ही रखो तो दिखते है। चश्मा अलग अलग रंग का हो तो नही दिखेंगे। सत्य को समझो की आतंक फैलाने वाले सभी धर्मों में है। मगर विडंबना और डबल स्टैण्डर्ड ये है की जब मुसलमान करे तो उसे आतंकी कह दो, किसी और धर्म का करे तो उसे माओ, नक्सली, लिट्टे, अपराधी, भटके हुए,धर्म रक्षक, मुजरिम, मानसिक रोगी आदि आदि कह दो। उन्हें कुछ भी नाम दे दो बस आतंकी मत कहो। ये कंहा का न्याय है। ऐसे तो ये अपने आप मे एक दोगले चरित्र का उदाहरण हुआ। आतंकी का कोई धर्म नही होता। दुनिया का कोई धर्म आतंक नही सीखाता। 

कुछ लोगो के कारण पूरा सम्प्रदाय गलत नही हो जाता। हो सके तो अपराध से घृणा करों अपराधी से नही। और एक ही रंग से पूरे समाज को न रंगों। धर्म का चश्मा उतार कर, इंसानियत का चश्मा पहनो।


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