Thursday, 21 January 2021

बनी इस्राइल और बनी इस्माइल।


बनी इस्राइल और इस्माइल सभी हज़रत नूह की औलादे में है। हम यानी मूल भारतीय न तो बनी इस्राइल है और न ही बनी इस्माइल। बनी इस्राइल ब्राह्मण , पारसी तो हो सकते है और दुसरी कोमो से मिक्स्ड क़ौम भी हो सकते है।  कुछ बाहर से आए मुसलमान भी बनी इस्माइल हो सकते है या वो भी मिक्स्ड हो सकते है।  बनी इस्राइल और हम मुसलामन में यही फ़र्क़ है कि बनी इस्राइल एक कम मिक्स्ड क़ौम थी और है (अक्सरियत) पर हम नहीं है (अगर पूरी दुनिया के मुसलमानो की बात है)। उसी तरह जैसे अरब के मुसलमान एक कम मिक्स्ड क़ौम है (अक्सरियत) और भारत के मूलनिवासी भी एक कम मिक्स्ड क़ौम है। बनी इस्राइल को उस वक्त की किताब का वारिस बनाया और हमारे रसूल को उनके वक़्त की। हम सभी इल्हामी किताबों के वारिस है। दुनिया की लगभग सभी क़ौम मनु यानी हज़रत नूह की औलादे है। ऐसी कोई बड़ी क़ौम नहीं जंहा नबी न भेजा गया हो। भारतीय हमेशा से बड़ी क़ौम रही है। व्यवस्त मनु, नूह अलैह थे। 

यंहा 14 मनु हुए है। 4 महा ऋषियों पर वेद के अवतरण की बात कही जाती है। अनेकों ऋषि हुए है। 24 जैन तीर्थंकर हुए है। 28 बुद्ध हुए है। शायद ये नबी रहे हो और हम इनके गिरोह से हो। ताओ मत में भी ऐसे ही गुरुओं की चैन मिलती है।

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